Saturday, May 9, 2020

मेरी माँ


 है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।
रात से दिन, दिन से रात
सँभालती है जो घर परिवार
रखती है जो सबका ख्याल
छोटी छोटी बातों का ध्यान
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।

जब भी हो कोई उलझन 
या हो कोई विपत्ति
माँ ही देती हमें सहारा
और सुलझती सब उलझन।
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।

माँ सिखाती जीवन यापन
वही हमारी कुंजी धन,
जो सीखे सफलता पाए
न सीखे विपत्ति पाए
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।

माँ की मधुर ध्वनि की माया
पलट देती है जीवन काया।
दुख में देती साथ हमारा
सुख का है एहसास दिलाती
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।


HAPPY MOTHER'S DAY❤❤....
Lots of love mumma...

I wrote this poem when i was in 10th standard...hope you all like it.....
Any sort of feedback is welcomed...there is always room for improvement.




61 comments:

  1. Nice dear.. Appreciate ur talent

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  2. Wow it's really beautiful ❤

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  3. Suparb owsam hurt taching blog islam mey bola gaya hai
    Maa ke kadmo ke niche jannat hai

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  4. This is really a very nice poem..well done mam..

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  5. Beautiful words ❤😁🤗

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  6. Very well written Damini ☺
    A really heartwarming poem.

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  7. Beautiful..keep writing ❤️❤️

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  8. Such a wonderful poem... This is great...������

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  9. This comment has been removed by the author.

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  10. बहुत ही सुन्दर

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  11. Wow.. . Its really Awsm nd beautiful poem👌👌👍.. Happy Mother's Day🙏🙏

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  12. दिल को छू गया l
    जय हो मॉ जननी l

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  13. It's really special that you made a effort for a person who always stood by you when nobody was there.

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  14. Very true & heart touching line❤️

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  15. Heart touching lines.. Love you Mom.

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