निराली उसकी छाया।
रात से दिन, दिन से रात
सँभालती है जो घर परिवार
रखती है जो सबका ख्याल
छोटी छोटी बातों का ध्यान
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।
जब भी हो कोई उलझन
या हो कोई विपत्ति
माँ ही देती हमें सहारा
और सुलझती सब उलझन।
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।
माँ सिखाती जीवन यापन
वही हमारी कुंजी धन,
जो सीखे सफलता पाए
न सीखे विपत्ति पाए
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।
माँ की मधुर ध्वनि की माया
पलट देती है जीवन काया।
दुख में देती साथ हमारा
सुख का है एहसास दिलाती
है निराली मेरी माँ,
निराली उसकी छाया।।
HAPPY MOTHER'S DAY❤❤....
Lots of love mumma...
I wrote this poem when i was in 10th standard...hope you all like it.....
Any sort of feedback is welcomed...there is always room for improvement.
